नागालैंड की एयर होस्टेस की मौत, दो डॉक्टरों पर धारा 304-ए के तहत केस दर्ज

Featured image

गुरुग्राम में पिछले साल 24 जून को नागालैंड की एयर होस्टेस रोजी संगमा की मौत मामले में सीबीआई ने निजी अस्पताल के प्रबंध निदेशक और दंत चिकित्सक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।जांच में पता चला कि रोजी को स्त्री रोग संबंधी बीमारी थी, लेकिन दंत चिकित्सक ने उसका इलाज कर दिया।

गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की और बुधवार को पहली एफआईआर दर्ज की गई।जांच एजेंसी ने अल्फा हेल्थ केयर अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. अनुज बिश्नोई और दंत चिकित्सक डॉ. अंजलि अश्क के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304-ए (लापरवाही से मौत का कारण) के तहत मामला दर्ज किया है।

गृह मंत्रालय के मुताबिक, मृतका रोजी संगमा और उसके भतीजे सैमुअल संगमा का डॉक्टरों और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के साथ विवाद हुआ था क्योंकि उन्हें उपचार में चिकित्सकीय लापरवाही की आशंका थी। अगले दिन 25 जून को दिल्ली पुलिस को सैमुअल की मौत की सूचना मिली। सीबीआई ने प्रारंभिक जांच में कहा कि अस्पताल और उसके डॉक्टरों की घोर लापरवाही इस तथ्य से भी स्पष्ट है कि वेजाइनल ब्लीडिंग से पीड़ित गंभीर रोगी का इलाज दंत चिकित्सक द्वारा किया गया।

जांच से पता चला है कि 24 जून को गंभीर रक्तस्राव और दर्द के बाद रोजी को अस्पताल में भर्ती कराया गया और अश्क को उसकी देखभाल के लिए तैनात किया गया था, जबकि मुख्य चिकित्सक बिश्नोई साढ़े चार घंटे बाद आया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रोजी को अस्पताल लाने के बाद डॉ. बिश्नोई को उसकी गंभीर हालत के बारे में सूचना दी गई थी, लेकिन उन्होंने डॉ. अश्क, जिसे स्त्री रोगों से जुड़े गंभीर केस संभालने का कोई अनुभव नहीं था, उसे रोजी का उपचार करने को कहा।

इसके करीब साढ़े चार घंटे बाद वह अस्पताल आए और रोजी के परिजन को रक्त की व्यवस्था करने को कहा। इस बीच उसकी मौत हो गई। इसके बाद डॉ. बिश्नोई ने बिजवासन थाना पुलिस को उसकी मौत के बारे में लिखित सूचना दी। पत्र में लिखा कि उसे सिविल अस्पताल रेफर किया गया था।

सीबीआई का कहना है कि डॉ. बिश्नोई ने रोजी का डिस्चार्ज कार्ड बनाया था, उसमें भर्ती होने का समय सुबह 6 बजे और रेफर किए जाने का समय दोपहर 12 बजे बताया। उसे ब्लड चढ़ाने और अन्यत्र रेफर करने का भी जिक्र है, लेकिन रोजी को रेफर ही नहीं किया गया था।

घटना के बाद सांसद अगथा संगमा ने पत्र लिखकर इस मामले की शिकायत गृहमंत्री अमित शाह से की थी। उन्होंने बताया कि अस्पताल की लापरवाही से रोजी की मौत हो गई। उसके भतीजे सैमुअल ने चिकित्सकों की लापरवाही पर सवाल उठाए तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उसने पूरी घटना की रिपोर्ट दर्ज करवाई, लेकिन अगले दिन वह होटल के कमरे में फंदे से लटका मिला। इसके बाद गृहमंत्रालय ने इस मामले को जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया था।

दिल्ली के कापसहेड़ा क्षेत्र में रहने वाली रोजी संगमा मूल रूप से नागालैंड के दीमापुर की रहने वाली थी। 23 जून की रात अचानक तबीयत खराब होने के बाद उसे उपचार के लिए पहले पालम विहार के निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था, लेकिन खर्च अधिक आने की बात सुनकर परिजन उसे सेक्टर-10 में स्थित अल्फा हेल्थ केयर अस्पताल ले गए। तब मृतका के जीजा शेखर गांगुली ने आरोप लगाया था कि रोजी की मौत उपचार के दौरान लापरवाही की वजह से हुई है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *